विद्यार्थी के गुण

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Neo
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विद्यार्थी के गुण

Post by Neo »

जो जवाब देने की बजाय प्रतिक्रिया करता है।
प्रतिप्रशन के रूप में प्रतिक्रिया करना और हमेशा तत्पर - सीखने के लिए तैयार रहना, अपने समझने बूझने की व विचारधारा की प्रणाली में बदलाव के लिए तैयार रहना।

ये है महान विद्यार्थी, सीखने वाले की खूबियां।

हमाशे अपने गुरु से भी आगे बढ़ने की कोशिश करना, जिनसे बातचीत हुई उनको भी गुरु की तरह देखना, ये है विद्यार्थी की महान विशेषता।

"जो केवल एक प्रकार के दृष्टिकोण से चिपकाव रखता है, न सीखने को तैयार, न समझने को तैयार, न सवाल को छोटे छोटे हिस्सों में बांट पाए, तरीके से न तो सुने और न ही पढ़े, केवल ऐसे जवाब दे कि स्वयं सुरक्षित रहे (मतलब कोई त्रुटि ना निकाल पाए या कोई प्रत्युत्तर/प्रतिप्रशन न कर पाए), केवल पहले से निर्धारित दृष्टिकोण को साबित करने के लिए ही जवाब दे, .. " ऐसा विद्यार्थी केवल तुच्छ माना जाता है, स्वीकारा नहीं जाता है, योग्य नहीं माना जाता है।
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Coëmgenu
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Re: विद्यार्थी के गुण

Post by Coëmgenu »

अंग्रेजी में "प्रतिक्रिया" के सकारात्मक अर्थ भी हैं और इसके तटस्थ अर्थ भी हैं और इसके नकारात्मक अर्थ भी हैं। "वह प्रतिक्रिया करता है" का नकारात्मक अर्थ ऐसा है जैसे जब हम कहते हैं "वह आँख बंद करके प्रतिक्रिया करता है।"

हिंदी भाषा में मेरी दक्षता आपके साथ ठीक से संवाद करने के लिए अपर्याप्त और अपर्याप्त है। मैं भारतीय भाषाएँ बोलने और समझने दोनों में बहुत ख़राब हूँ। मैं अपनी वर्तनी और व्याकरण की जांच करने के लिए एक कंप्यूटर प्रोग्राम का उपयोग कर रहा हूं, लेकिन संभावना है कि इसमें कई गलतियां होंगी।

मैं आपकी पोस्ट से सहमत हूं क्योंकि यह विशेष रूप से नकारात्मक अर्थ के साथ "प्रतिक्रिया" की बात करता है, लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि आपके द्वारा वर्णित नकारात्मक उपयोग के अलावा अंग्रेजी में उस शब्द का उपयोग करने के सकारात्मक और तटस्थ तरीके भी हैं।
All utterances & all sounds that proceed forth
from the sattvadhātu or the dharmadhātu,
from the land, waters, skies, woods, or hills
are the secret dhāraṇīs of
आँः वाँः & भ्रूँ.
步嚕唵
Neo
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Re: विद्यार्थी के गुण

Post by Neo »

Here I include Hindi version of the finest conclusions.
Coëmgenu wrote: Mon May 27, 2024 11:56 am ..
हिंदी भाषा में मेरी दक्षता आपके साथ ठीक से संवाद करने के लिए अपर्याप्त और अपर्याप्त है।

मैं आपकी पोस्ट से सहमत हूं क्योंकि यह विशेष रूप से नकारात्मक अर्थ के साथ "प्रतिक्रिया" की बात करता है, लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि आपके द्वारा वर्णित नकारात्मक उपयोग के अलावा अंग्रेजी में उस शब्द का उपयोग करने के सकारात्मक और तटस्थ तरीके भी हैं।
Last paragraph is messed up and 1st line of 2nd para is also.

It's ok to reply here in English but this thread is similar to it..
Neo wrote: Mon May 27, 2024 8:26 am :toast:
One who reacts instead of respond. Reacts in the form of cross-questions and is always & constantly ready to learn, change perspective and understand.

..
This highlighted complete sentence is in positive way only.

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Coëmgenu
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Re: विद्यार्थी के गुण

Post by Coëmgenu »

I figured I'd give it a go. If you're not busy and you feel like it, send me a PM detailing all of the mistakes. I imagine there are plenty. I've a keen interest in languages and it would interesting have a native speaker's input on where the errors were and what either I or the software missed. Don't trouble yourself if it's an inconvenience, and no rush.
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Neo
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Re: विद्यार्थी के गुण

Post by Neo »

Neo wrote: Mon May 27, 2024 10:45 am जो जवाब देने की बजाय प्रतिक्रिया करता है।
प्रतिप्रशन के रूप में प्रतिक्रिया करना और हमेशा तत्पर - सीखने के लिए तैयार रहना, अपने समझने बूझने की व विचारधारा की प्रणाली में बदलाव के लिए तैयार रहना।

ये है महान विद्यार्थी, सीखने वाले की खूबियां।

हमाशे अपने गुरु से भी आगे बढ़ने की कोशिश करना, जिनसे बातचीत हुई उनको भी गुरु की तरह देखना, ये है विद्यार्थी की महान विशेषता।

"जो केवल एक प्रकार के दृष्टिकोण से चिपकाव रखता है, न सीखने को तैयार, न समझने को तैयार, न सवाल को छोटे छोटे हिस्सों में बांट पाए, तरीके से न तो सुने और न ही पढ़े, केवल ऐसे जवाब दे कि स्वयं सुरक्षित रहे (मतलब कोई त्रुटि ना निकाल पाए या कोई प्रत्युत्तर/प्रतिप्रशन न कर पाए), केवल पहले से निर्धारित दृष्टिकोण को साबित करने के लिए ही जवाब दे, .. " ऐसा विद्यार्थी केवल तुच्छ माना जाता है, स्वीकारा नहीं जाता है, योग्य नहीं माना जाता है।
इसमें ये भी ध्यान देना होगा कि जो प्रतिक्रिया है वो अपने अंदर समझ के लिए है ना कि तू तड़ाक करने के लिए, ना ही कौतूहलवश किसी को तुरंत जवाब देने के लिए। .. कई बार ऐसा होता है कि किसी कारण से मनोबल कमज़ोर होने के कारण विद्यार्थी प्रतिप्रशन नहीं करता तो इसलिए इसे प्रतिक्रिया के रूप में समझा जाए ताकि किसी भी चीज को पूरी तरह से समझने की आदत बन जाए।
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